तुम क्या है मेरे लिए

 ना तुम्हें पा सका 

ना ही भुला सका

ना कुछ बता सका 

और ना ही जता सका 


तुम क्या है मेरे लिए....


ना खुद समझ सका 

ना तुम्हें समझा सका।

       — Sanoj Das

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